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Tuesday, 11 March 2014

मैंने देखा है।

मैंने देखा है, कई बच्चों को,
उन्हें भी जो चाकलेटी दुनिया में भटकते हैं,
उन्हें भी जो दानें-दानें को तरसते हैं,
मैंने देखा है।

मैंने देखा है, उन बच्चों को,
जो पढ़ने पाठालय जाते हैं,
उन्हें भी जो कमाने को सताये जाते हैं ,
मैंने देखा है।

मैंने देखा है, उन बच्चों को,
जो कभी ज़िद पर खाना खाते है,
उन्हें भी जो खाना देख ललचाते है,
मैंने देखा है।

मैंने देखा है, उन बच्चों को,
जो इठलाने को रोते हैं,
उन्हें भी जो आंसू को रोते हैं,
मैंने देखा है।

मैंने देखा है, उन बच्चों को,
जो दुध  से रोते हैं,
उन्हें भी जो दुध को रोते हैं,
मैंने देखा है।

 मैंने देखा है, कई आँखों में,
कोई खुशी के आंसू लिए रोते हैं,
कोई ग़म और कसक लिए सोते है
मैंने देखा है, क्या आपने भी ………। 

Friday, 7 February 2014

'सारथी' ने मोहब्बत की इबादत यों करी समझो

तेरी ज़ुल्फो के नीचे ही मेरी हर शाम हो जाये
जरा पलके उठा दो तुम ज़ाम पे ज़ाम हो जाये 

रहेंगे हम तेरे आशिक़, क़यामत के दिनों तक भी 
रहा न डर हमें अब तो भले बदनाम हो जाये 

मिटा दो सरहदें  दिल की ,गिरा दो हर दीवारे अब 
करो कुछ यों मोहब्बत कि मोहब्बत आम हो जाये 

बहुत कर ली दग़ा तुमने , बहुत सह ली ज़फ़ा हमने 
अग़र हम भूले तुमको तो खुद ही ग़ुमनाम हो जाये 

'सारथी' ने मोहब्बत की इबादत यों करी समझो 
वफ़ा कर ले अग़र कोइ तो वो नीलाम हो जाये 

Saturday, 1 February 2014

'सारथी' इश्क़ को जो दग़ा कह गया

आज फिर दर्दे दिल कि दवा कर गया
मेरे मरने कि फिर से दुआ कर गया

आग बुझ जो गई थी मोहब्बत के यार
आ के कोई उसे फिर हवा कर गया

जो बहाये थे आंसू जफ़ा के कभी
दर्द दिल का ही, दिल से वफ़ा कर गया

जो भी चलता है रहे मोहब्बत के यार
खुद ही खुद से खुद ही को दफ़ा कर गया

याद रक्खे ज़माना भी इस नाम से
'सारथी' इश्क़ को जो दग़ा कह गया    

Saturday, 28 December 2013

दिल में आज भी उनकी आहट - सी है


उनको याद करने की  आदत - सी है
वो पल आज भी इबादत - सी है

मेरी बर्बादी ही उनका हासिल था
और आज भी मेरी इज़ाज़त -सी है

वक़्त के बीते कई माह हो गये
दिल में आज भी उनकी आहट - सी है

अरसा हो गये मियां रोया नही हूँ  मै
दिल में आज बड़ी कुलबुलाहट -सी है

ये मौत भी कमज़र्फ दगा देती है
सारथी को ज़िन्दगी से उकताहट - सी है 

Tuesday, 16 April 2013

जब भी तुमको याद किया


जब भी तुमको याद किया
दिन अपना बर्बाद किया

तूने मुझको ग़म देकर
घर अपना आबाद किया

मैंने खुद को तुम्हे दे दिया
सबने मुझे आगाह किया

सबकुछ तुमने लूट लिया है
फिर भी तुमको याद किया

तुमको क्योकर ये लगता है
मैंने तुम्हे आजाद किया